
सूनी-सूनी हर शामें हैं हमारी,
दिल से रूठी हर धड़कन है हमारी,
वो छोड़ गया मजधार में मुझे,
वो क्या जाने,
उसके जाने से ख़फ़ा हमसे सांसें है हमारी।
टूटी-टूटी हर सेहर है हमारी,
उसके लिए बेबस जान है हमारी,
कर गया वो रुसवाई हमसे,
वो क्या जाने,
हर पल नई मौत मरी ज़िन्दगी ये हमारी।
अश्कों में डूबी कई रातें हैं हमारी,
रस्ता उसका ही तकती ये शामें हमारी,
उसने की ना कभी मोहोब्बत हमसे,
वो क्या जाने,
किस क़दर चाहती उसे हर धड़कन हमारी।
अब ना बरसेंगी उसकी याद में आँखें हमारी,
ना तडपेगी हर पल रूह ये हमारी,
उसने की बेवफाई हमसे,
वो क्या जाने,
तडपेगा वो भी सच्चे प्यार के लिए
दिल से ये बददुआ है हमारी।
वो क्या जाने,
उसके जाने से ख़फ़ा हमसे हस्ती है हमारी।
दिल से रूठी हर धड़कन है हमारी,
वो छोड़ गया मजधार में मुझे,
वो क्या जाने,
उसके जाने से ख़फ़ा हमसे सांसें है हमारी।
टूटी-टूटी हर सेहर है हमारी,
उसके लिए बेबस जान है हमारी,
कर गया वो रुसवाई हमसे,
वो क्या जाने,
हर पल नई मौत मरी ज़िन्दगी ये हमारी।
अश्कों में डूबी कई रातें हैं हमारी,
रस्ता उसका ही तकती ये शामें हमारी,
उसने की ना कभी मोहोब्बत हमसे,
वो क्या जाने,
किस क़दर चाहती उसे हर धड़कन हमारी।
अब ना बरसेंगी उसकी याद में आँखें हमारी,
ना तडपेगी हर पल रूह ये हमारी,
उसने की बेवफाई हमसे,
वो क्या जाने,
तडपेगा वो भी सच्चे प्यार के लिए
दिल से ये बददुआ है हमारी।
वो क्या जाने,
उसके जाने से ख़फ़ा हमसे हस्ती है हमारी।
