जीत।
एक जूनून हद से गुज़र जाए जब,
वही जीने की वजह बन जाये जब,
आग,हवा,
सूरज, चंदा,
हरदम, हर पल
वही नज़र आये जब,
शुरू होता है उसी क्षण
हमारी जीत का सफ़र.
गुलज़ार ही गुलज़ार हो जब हर तरफ,
रूबरू ये ज़िन्दगी,
कातिलानों से हो जब,
हमारी तमन्ना
उलटी धारा समेटने की हो जब,
कुछ भी करने को आमदा हो जाएँ हम,
जीत हमारा बाहें फेलाए
इंतज़ार करती है तब.
मुस्कुराती सदी,
दिल में सुकून हो जब,
आँखों में नमी,
रातें झनझनाती हो जब,
सफ़र से मिली आहों का भी
मलाल ना हो जब,
आत्मविश्वास से भरपूर
कुछ कर दिखाएँ हम,
जीत हंसकर, मुस्कुराकर,
आती है तब हमारी डगर.
एक जूनून हद से गुज़र जाए जब,
वही जीने की वजह बन जाये जब,
आग,हवा,
सूरज, चंदा,
हरदम, हर पल
वही नज़र आये जब,शुरू होता है उसी क्षण
हमारी जीत का सफ़र.
गुलज़ार ही गुलज़ार हो जब हर तरफ,
रूबरू ये ज़िन्दगी,
कातिलानों से हो जब,
हमारी तमन्ना
उलटी धारा समेटने की हो जब,
कुछ भी करने को आमदा हो जाएँ हम,
जीत हमारा बाहें फेलाए
इंतज़ार करती है तब.
मुस्कुराती सदी,
दिल में सुकून हो जब,
आँखों में नमी,
रातें झनझनाती हो जब,
सफ़र से मिली आहों का भी
मलाल ना हो जब,
आत्मविश्वास से भरपूर
कुछ कर दिखाएँ हम,
जीत हंसकर, मुस्कुराकर,
आती है तब हमारी डगर.

No comments:
Post a Comment