Tuesday, April 6, 2010

dosti aapse......

दोस्ती आपसे जब हो गयी,

हमारे जीवन की दिशा ही बदल गयी,

कभी फूल कम,

कांटे उगा करते थे हमारी बगिया में,

आने से आपके

हमारे आँगन में खुशियों की फुलवाड़ी लग गयी


कभी जताया हक़,

तो बरसाया कभी प्यार,

फिर सोचा...भूल हमसे हो गयी,

हक़ उनपर जताकर

अनजानी खता हमसे हो गयी


हम तो चले थे बूँद ढूँढने,

प्यार और वफ़ा की बारिश हमारे नाम हो गयी,

दोस्ती के रूप में आपकी,

सपनो से भरी कश्ती हमारे नाम हो गयी


दोस्ती का हमारी है रंग अलग,

मिला है इसमें रंगों का संगम,

भावनायों में बहकर भी

इसलिए सताते आपको हम नहीं,

हो ना जो आपको मंज़ूर,

ऐसा हम कुछ करते नहीं


अम्बर देखा तो दिखे इश्वर ही,

धरा पर खोजा तो मिली आपकी छवि,

डांटना, फटकारना, कहेना चाहे कुछ भी,

पर गलती से भी कहेना नहीं कभी,

thankyou n sorry.


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