Sunday, April 11, 2010


दोस्त.

हमारी चाहत का कभी यूँ इम्तिहान ना लेना,

अपनी चाहत में दोस्त

ये दिल ना कभी तोड़ देना


अपनी चाहत का सदा इकरार करना,

हमारी लगाईं में दोस्त,

ज़िन्दगी अपनी ना बर्बाद कर लेना


यूँ रुसवाई में बेवफाई ना करना,

किसी के आवेश में आकर दोस्त,

ये साथ ना छोड़ देना


आपकी सदायें,

ये अदाएं इश्वर की अमानत हैं,

यूँ ही झल्काकर इन्हें दोस्त,

इश्वर से बेवफाई ना करना



तन्हाइयों में आंसू झलकाया ना करना,

पलके अपनी उठाके दोस्त,

आँखें कभी नम ना कर लेना



हमारी चाहत का कभी यूँ इम्तिहान ना लेना,

अपनी चाहत में दोस्त

ये दिल ना कभी तोड़ देना


love u a lot mere dost..........

-yours n only yours

nikita.








4 comments:

  1. Na bewafai kabhi karega,
    Na dil kabhi todega,
    Aise honge dost tere, jo,
    Na kabhi tujhe chodega.

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  2. thanx bhaiya....
    aapki baatein mere liye bhut inspiring hoti hain......
    thanx..:)

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