
ए दोस्त.
हमारी चाहत का कभी यूँ इम्तिहान ना लेना,
अपनी चाहत में ए दोस्त
ये दिल ना कभी तोड़ देना।
अपनी चाहत का सदा इकरार करना,
हमारी लगाईं में ए दोस्त,
ज़िन्दगी अपनी ना बर्बाद कर लेना।
यूँ रुसवाई में बेवफाई ना करना,
किसी के आवेश में आकर ए दोस्त,
ये साथ ना छोड़ देना।
आपकी सदायें,
ये अदाएं इश्वर की अमानत हैं,
यूँ ही झल्काकर इन्हें ए दोस्त,
इश्वर से बेवफाई ना करना।
तन्हाइयों में आंसू झलकाया ना करना,
पलके अपनी उठाके ए दोस्त,
आँखें कभी नम ना कर लेना।
हमारी चाहत का कभी यूँ इम्तिहान ना लेना,
अपनी चाहत में ए दोस्त
ये दिल ना कभी तोड़ देना।
love u a lot mere dost..........
-yours n only yours
nikita.
हमारी चाहत का कभी यूँ इम्तिहान ना लेना,
अपनी चाहत में ए दोस्त
ये दिल ना कभी तोड़ देना।
अपनी चाहत का सदा इकरार करना,
हमारी लगाईं में ए दोस्त,
ज़िन्दगी अपनी ना बर्बाद कर लेना।
यूँ रुसवाई में बेवफाई ना करना,
किसी के आवेश में आकर ए दोस्त,
ये साथ ना छोड़ देना।
आपकी सदायें,
ये अदाएं इश्वर की अमानत हैं,
यूँ ही झल्काकर इन्हें ए दोस्त,
इश्वर से बेवफाई ना करना।
तन्हाइयों में आंसू झलकाया ना करना,
पलके अपनी उठाके ए दोस्त,
आँखें कभी नम ना कर लेना।
हमारी चाहत का कभी यूँ इम्तिहान ना लेना,
अपनी चाहत में ए दोस्त
ये दिल ना कभी तोड़ देना।
love u a lot mere dost..........
-yours n only yours
nikita.

Na bewafai kabhi karega,
ReplyDeleteNa dil kabhi todega,
Aise honge dost tere, jo,
Na kabhi tujhe chodega.
Bahut achhi kavita hai :)
ReplyDeletethanx bhaiya....
ReplyDeleteaapki baatein mere liye bhut inspiring hoti hain......
thanx..:)
Hey Thanks Nikki... :)
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