Tuesday, April 6, 2010

किस्मत.


सर पर ममता का आँचल,

अंगूली पकडे पिता का साथ,

किस्मत की इतनी धनि हूँ मैं,

जो क़ुबूल होती मेरी हर मुराद


आते हैं तूफ़ान,

लेकिन....लम्बा सफ़र तय करने नहीं,

भटकते हैं कदम,

पर.....दूर चलने के लिए नहीं

किस्मत में हो जिसकी

बेगानों का भी साथ,

हांसिल मैंने किया है वो मुकाम


सवार हूँ ऐसी कश्ती में मैं,

खवैया जिसका है भगवान्,

कदम बहेक जाएँ,

ऐसा होता नहीं,

है इश्वर के हाथों में

मेरा हाथ


सपने जो संजोये थे,

कभी जिनके लिए हम रोये थे,

आज हो गए वो साकार,

किस्मत का ऐसा मुकाम,

इश्वर नें किया मेरे नाम








2 comments:

  1. Itni acchi kismat!!!
    Kaash meri bhi itni acchi hoti! :P

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  2. sbki hoti hai..
    bs samajhne ki der hai bhaiya....
    :)

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